
तिल्दा/नेवरा/ नियमितिकरण सहित अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर मनरेगा के कर्मचारी और अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल की वजह से क्षेत्र में मनरेगा का काम पूरी तरह ठप हो गया है। वहीं मनरेगा के मजदूर भी बेरोजगार हो गए हैं।मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने कहा है कि कांग्रेस के जनघोषणा पत्र में नियमितीकरण के वादे को आज दिनांक तक पूर्ण नहीं किया है । इसके विरोध में प्रदेश के समस्त ब्लॉक एवं जिला स्तर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर मनरेगा कर्मचारी बैठ गये हैं। मनरेगा अधिकारी कर्मचारियों का कहना है कि सरकार हमारी मांगो पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए अतिशीघ्र नियमितीकरण के वादे को पूरा करे, अन्यथा उग्र आंदोलन करने को विवश होना पड़ेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।पूनम चंद ऑडील कार्यकारी अध्यक्ष जनपद पंचायत तिल्दा ने कहा की मनरेगा कर्मियों के अपने नियमितीकरण सहित रोजगार सहायकों के वेतनमान निर्धारित कर 1966 अधिनियम लागू करने की मांग के लिए अनिश्चित कालीन आन्दोलन करने के लिए हम बाध्य हैं। मुख्यमंत्री एवं टीएस. सिंहदेव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंन्त्री एवं अन्य कांग्रेस के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संघर्ष के दिनों में मंच में आते थे और सरकार बनने पर हमें 10 दिवस में नियमित करने का वादा किया था, वादे के अनुरूप हमारी मांगों को कांग्रेस के जन-घोषणा (वचन) पत्र दूर दृष्टि, पक्का इरादा, कांग्रेस करेगी पूरा वादा के बिंदु क्रमांक 11 एवं 30 में कर्मचारियों के नियमितीकरण करने, छटनी नही करने तथा आउट सोर्सिंग बंद करने को स्थान दिया था। अद्यतन 03 वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के उपरांत भी सरकार द्वारा नियमितीकरण की कार्यवाही नहीं की जा रही है। श्रीमती नील कमल पटेल अध्यक्ष मनरेगा महासंघ जनपद पंचायत तिल्दा ने कहा की मनरेगा कर्मी जो ग्रामीण लोगो को रोजगार देने में सहायक है उन्हें खुद भी सरकार से रोजगार मांगना पड़ रहा है अपने छोटे छोटे बच्चो को लेकर भीषण गर्मी में तपती और झुलसती गर्मी में हड़ताल करना पड़ रहा है ।







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