कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के धरमपुरा में एक समाज विशेष द्वारा कब्जा की गई जमीन को खाली कराने के दौरान प्रशासन और सामज के लोग में भिडंत हो गई।
इस घटना में समाज के कई लोगों के घायल होने के खबर है, साथ ही कुछ पुलिस के जवानों को भी चोटें आई है। पुलिस का कहना है कि समाज के लोगों के द्वारा पथराव किया गया था, जिससे जवानों को चोटें आई है। पुलिस ने समाज के लोगों की पिटाई से इंकार किया है, जबकि पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि 25 लोगों को उग्र होता देख हिरासत में लिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी जमीन पर एक समाज विशेष ने कब्ज़ा कर अपने समाज का एक भवन और समाज का प्रतीक माने जाने वाले स्तम्भ का निर्माण किया जा रहा था। इस जगह को खाली कराने के लिए शुक्रवार सुबह प्रशासनिक अमला पहुंचा था, लेकिन समाज के लोगों के दौरान इसका विरोध हुआ और बात यहां बिगड़ गई कि पुलिस प्रशासन और समाज के लोग आपस में भीड़ गए।
स्थानीयों के अनुसार, घटना के दौरान पुलिस ने समाज के लोगों को बेरहमी से पीटा, समाज के लोगों ने भी पुलिस पर और कब्ज़ा हटाने आये अमले पर पथराव कर दिया।

कवर्धा पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने तोपचंद डॉट कॉम से कहा है कि धरमपुरा में शासकीय जमीन पर कुछ लोगों ने कब्ज़ा कर रखा था, जिसे प्रशासन आज सुबह खाली कराने पहुंचा था, ग्रामीणों के विरोध के बाद कुछ उग्र हो रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, इनका एमएलसी कराया जा रहा है, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों के साथ मारपीट के सवाल पर एसपी शलभ सिन्हा ने इंकार किया है, उन्होंने कहा है कि ग्रामीणों के पथराव से कुछ जवानों को चोटें आई है और अतिक्रमण हटाने गई जेसीबी का कांच भी फूटा है।
इधर, पुलिस की बर्बरता पूर्वक पिटाई का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है, साथ ही एक सन्देश वायरल हो रहा है कि समाज के लोग धरमपुरा पहुंच कर समाज की अस्मिता को बचाने के लिए एकजुट होना होगा। समाज ने चेतावनी दी है कि इसके बाद भी उनका भवन तोड़ा गया तो पूरा समाज सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगा।







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