
खरसिया । समाजसेवी संस्था का अंतिम संस्कार हेतु लाए जाने की खबर से खरसिया के ठाकुरदिया में लोग विरोध करने के लिए घरों से निकल आए। चौराहे पर जमा हुए इन लोगों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी थी। हालांकि बाद में यह खबर अफवाह साबित हुई तो लोग वापस चले गए।
खरसिया के ठाकुरदिया मोहल्ले में सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष उस समय विरोध करने के लिए सडक़ पर निकल आए जब उन्हें जानकारी मिली कि जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सपिया से किसी कोरोना से मृत व्यक्ति का शव दाह संस्कार हेतु ठाकुरदिया के मुक्तिधाम में लाया जा रहा है।
ज्ञात हो कि इसी मुक्तिधाम में 30 अगस्त को खरसिया के गंज बाजार के एक व्यक्ति का दाह संस्कार किया गया था जो कोरोना पीडि़त था। 31 अगस्त को मोहल्ले में यह खबर फैली कि समीपस्थ ग्राम सपिया जिला जांजगीर चांपा के किसी कोरोना से मृत व्यक्ति का शव अंतिम संस्कार हेतु लाया जा रहा है तो लोगों में आक्रोश फैल गया कि सभी कोरोना मृतकों का अंतिम संस्कार उन्हीं के मोहल्ले में किया जा रहा है जिससे कि लोगों के कोरोना से संक्रमित होने का खतरा बढ़ रहा है। खबर फैलते ही भारी संख्या में महिला पुरुष सडक़ पर निकल आए और चौक में पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। काफी देर तक हो हल्ला मचने के बाद पार्षद रेशम गबेल ने खरसिया पुलिस चौकी में फोन करके पूछा कि क्या कोई कोरोना मृतक को दाह संस्कार हेतु लाया जा रहा है तो पुलिस ने इससे इंकार किया और इसे कोरी अफवाह बताया तब जाकर लोग वापस अपने घरों को लौटे।






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