
कोरबा / कोरबा जिले के बांगो थाने में पदस्थ एएसआई नरेंद्र परिहार की लाश उनके कमरे में मिली है। जानकारी के मुताबिक नाइट शिफ्ट के बाद वह अपने कमरे में चले गए, जिसके बाद शुक्रवार सुबह खून से लथपथ उनका शव कमरे में मिला। सूचना तक तत्काल आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुटे हैं।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले परिहार के कमरे का दरवाजा थोड़ा उसके बाद अंदर घुसकर उनकी हत्या कर भाग निकले। शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए हैं, जिसके जांच के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉयड को भी मौके पर बुलाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के मुताबिक प्रथम दृष्टया हत्या का मामला लग रहा है। इसकी जांच के लिए विशेष टीम को भी तैयार किया गया है।
पुलिस को संदेह है कि हत्या गुरुवार रात शराब पीने के दौरान हुए झगड़े के बाद हुई होगी। वहां आसपास कुछ युवकों के शराब पीने की बात भी सामने आ रही है। नरेंद्र सिंह परिहार किसी प्रकार का नशा नहीं करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने युवकों को हुड़दंग करने से मना किया होगा इसके बाद ही या विवाद बढ़ा होगा। बाबा पारा इलाके के कुछ युवकों को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सबसे पहले थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार देवांगन ने इस घटना की सूचना तत्काल अपने बड़े अफसरों को दी। खबर मिलते ही एसपी वर्मा सहित पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। बैरक को सील कर दिया गया है। मुख्य मार्ग पर पुलिस ने नाकाबंदी शुरू कर दी है।
थाने से 10 कदम दूर नई बैरक बनी है । नरेंद्र सिंह उसी के एक कमरे में रहते थे। उनका परिवार एनटीपीसी जमनीपाली में निवास कर रहा है। उनकी पोस्टिंग बांगो में होने के कारण वह यहां से जमनीपाली आना-जाना करते थे। प्रारंभिक जांच में जो बातें सामने आई हैं उसके मुताबिक हत्यारों ने पहले दरवाजे को फरसा नुमा धारदार हथियारों से तोड़ा इसके बाद वे अंदर घुसे और सो रहे नरेंद्र सिंह पर ताबड़तोड़ वार किए।
एक वार उनके हाथ पर किया फिर गले पर वार किया। सुबह पहुंची डॉग स्क्वायड की टीम ने जब डॉग को घटनास्थल से छोड़ा तो वह अंबिकापुर रोड पर कुछ दूर पर जाकर रुक गया। पुलिस इस मामले में नरेंद्र सिंह परिहार के हाल ही में जांच किए जा रहे मामलों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का मानना है की हत्या दुश्मनी या फिर बदला लेने की नीयत से की गई है।








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