भाई, मेरा प्यारा भाई
मेरा बदमाश, बन्दर सा, घोंचू सा भाई
आज रक्षाबंधन के पर्व पर
रक्षा करने का तुमने वादा कर दिया,
पर कुछ वादा और है जो मुझे चाहिए
समानता का अधिकार मिले,
बेझिझक कुछ भी करने का,
एक पक्षी बनकर उड़ती रहूँ हमेशा
बस ऐसा वादा मुझको चाहिए…
तेरा प्यार और साथ हमेशा चाहिए
ऐसा आशीर्वाद मुझे दे दो की
समाज मे एक आदर्श पहचान बन सकूँ,
किसी की बेटी, बहन, बहु या माँ बनकर नहीं
इस जहां मे अपने नाम से जानी जाऊ ऐसी दुआ चाहिए
अपने हर सपनों को पँख लगाकर
आसमान मे बेफिक्र उड़ सकूँ
ऐसा वादा चाहिए…
भाई मेरा प्यारा भाई
मेरा बदमाश, बन्दर सा, घोंचू सा भाई
मुझे इस रक्षाबंधन के अवसर पर
कोई उपहार नहीं चाहिए
बस खुलकर सांस ले सकूँ
ऐसी हवा मुझे चाहिए..
मेरे पैरों मे बेड़ियाँ नहीं
ना ही मुझे मुँह बंद रखने वाली पट्टी
और ना ही आजादी छिनी जाए ऐसा समाज चाहिए,
कुछ नहीं बस आप इन वादों को निभा दे
ऐसा वचन मुझे चाहिए..

निशा राठौर
नई दिल्ली







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