

रायपुर/ कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही अपनी तैयारियों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में अब समन्वयक और मितानिन ट्रेनर को पल्स ऑक्सीमीटर चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पल्स ऑक्सीमीटर के माध्यम से डाटा रीडिंग को जांचने के लिये विकासखंड तिल्दा और धरसींवा के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया । प्रशिक्षण में दोनों विकासखण्ड की दो-दो कोऑर्डिनेटर (समन्वयक) और 10-10 मितानिन मास्टर ट्रेनर ने प्रतिभाग किया। पल्स ऑक्सीमीटर डाटा रीडिंग को जांचने का प्रशिक्षण जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आशीष वर्मा और जिला मीडिया प्रभारी गजेंद्र डोंगरे द्वारा दिया गया ।
इस मौके पर जिला मीडिया प्रभारी गजेंद्र डोंगरे ने बताया ‘’ कोविड से पीड़ित व्यक्ति में पल्स ऑक्सीमीटर के माध्यम से आक्सीजन की मात्रा जांचने के लिये विकासखंड तिल्दा और धरसींवा की मितानिन को प्रशिक्षण दिया गया है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आशीष वर्मा द्वारा प्रशिक्षण में जानकारी दी गयी कि शरीर में ऑक्सीजन स्तर की जांच करने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर का उपयोग किया जाता है, कोविड से पीड़ित मरीजों के लिए यह बहुत ही उपयोगी उपकरण है इसके माध्यम से समय रहते यह ज्ञात हो जाता है कि मरीज़ की हालत कैसी है पल्स ऑक्सीमीटर एक छोटा सा डिजिटल उपकरण जो मानव शरीर में मौजूद ऑक्सीजन लेवल की जांच करता है। एक स्वस्थ व्यक्ति का ऑक्सीजन लेवल 95 से 100 तक रहता है । पल्स ऑक्सीमीटर में आक्सीजन की मात्रा spo2 में प्रदर्शित होती है। यदि कोई व्यक्ति कोरोना से पीड़ित है तो उसे समय समय पर अपना ऑक्सीजन लेवल जांचते रहना चाहिए। यदि ऑक्सीजन स्तर 94 से कम आता है तो तुरंत अपने डॉक्टर से या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए“।
ऑक्सीमीटर का प्रयोग:-
ऑक्सीमीटर का प्रयोग करने से पहले यह सुनिश्चित कर ले कि आपके हाथ ठंडे ना हो, आपकी उंगलियां साफ हो, उनमें किसी भी प्रकार का तेल या चिपचिपा पदार्थ ना लगा हो,जांच करने से पहले 5 मिनट आराम से बैठ जाएं, ऑक्सीमीटर को ऑन करें और अपनी तर्जनी या बीच की उंगली उस पर लगाएं,ऑक्सीमीटर की रीडिंग आने में थोड़ा समय लग सकता है इसलिए कम से कम 1 मिनट तक उस पर अपनी उंगली लगाए रखें, जब रीडिंग 5 सेकंड तक नहीं बदलती है तो उसे नोट कर लें, कोरोना पॉजिटिव मरीज को 1 दिन में कम से कम 3 बार अपनी रीडिंग नोट करनी है और किसी प्रकार की दिक्कत मरीज को हो रही है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क करें ।
हार्टबीट(धड़कन) :-
हार्ट रेट से मतलब दिल के 1 मिनट में धड़कने की संख्या जो कि नॉर्मल 60 से 100 होती है ।
इस अवसर पर अमरीकन इंडिया फाउंडेशन के सुनील केसरवानी ने कहा, “कोविड-19 के दौर में लोक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई है । अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन (एआईएफ) कोविड-19 के प्रबंधन के लिए काफी प्रयासरत है एवं विभिन्न राज्य सरकारें और स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है, जिस तरह से कोविड-19 की पहली लहर और दूसरी लहर में मितानिन ने कार्य किया है इस पर पूरे देश को गर्व है हम सब मिलकर इस महामारी को हराएंगे उन्होंने बताया, प्रशिक्षण के दौरान अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन द्वारा द्वारा 1,800 पल्स ऑक्सीमीटर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला रायपुर डॉ.मीरा बघेल को दिए गए ताकि कोरोना की संभावित लहर से मजबूती से निपटा जा सके” ।

निलेश ठाकुर ने बताया, “एआईएफ कबीरधाम जिले में शिक्षा के मुद्दे पर कार्य कर रही है कबीरधाम जिले के बोडला लोहारा पंडरिया के कुछ गांवों का चयन कर संस्था द्वारा एलआरसी सेंटर बनाकर वहां के माइग्रेंट बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और डिजिटल शिक्षा प्रदान कर रही है”।








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