तिल्दा से अनिल वाधवा की रिपोर्ट

रक्तदान हमारे देश में महादान माना जाता है, लेकिन एक और दान है जो सभी तरह के दान से सबसे बड़ा है.। वो है देहदान। ऐसा करने से इंसान मरने के बाद भी अमर हो जाता है। देश में भले ही दे दान करने का प्रचलन ज्यादा ना हो,लेकिन अब लोगों को इस बात को मानने लगे कि देह दान करने से कई लोगों का भला हो सकता है।ऐसा ही उदाहरण तिल्दा सिंधी कैंप की एक महिला ने पेश किया है।उनकी इच्छा अनुसार उनके परिजनों ने मरणोपरांत उसकी देह को मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार सिंधी कैंप निवासी लक्ष्मण दास रोहरा की पत्नी 62वर्षीय श्रीमती कमला रोहरा का अचानक हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई। सीधे सरल स्वभाव के धनी स्वर्गीय कमला रोहरा की इच्छा थी कि मरणोपरांत उनका अंतिम संस्कार न कर उसके शरीर को मेडिकल कॉलेज में दान करे ताकि मेरी देह किसी के काम आ सके। आज जब उसका निधन हुआ तो उनके पति लक्ष्मण दास रोहरा ने अपने तीनो बेटों को बुलाकर मां की अंतिम इच्छा को उन्हें बताया सबकी सहमति के बाद उनके पति ने पत्नी कमला के देह को दान करने का निर्णय लिया और तिल्दा नरेश मित्र के माध्यम से रायपुर बढ़ते कदम संस्था से सम्पर्क कर नियमानुसार पत्नी का देह दान मेडिकल कॉलेज रायपुर को कराया गया ।
दुल्हन की तरह सजाकर.. पति ने पत्नी का किया दे दान..
हर पत्नी की इच्छा होती है कि उसकी मौत पति के रहते हुए.हो ताकि उसकी उसकी अर्थी दुल्हन की डोली की तरह सजकरउ सके घर से निकले ।और आज हुआ भी वैसे ही.. रोहरा परिवार की बहू श्रीमती कमला रोहरा की अंतिम विदाई के पूर्व घर में उसको दुल्हन की तरह सजाया गया उसके बाद अर्थी पर लेटाकर उसे पति ने घर से अंतिम विदाई दी। बेटो के कंधे पर उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई| अंतिम यात्रा में उनके परिजन और कुछ रिश्तेदार शामिल हुए।परिजनों ने कोरोना के चलते लोगों से अंतिम यात्रा में शामिल ना होने का भी आग्रह किया था।बावजूद कुछ करीबी अमर हो चली कमला के अंतिम यात्रा में शामिल हुए,घर से निकली अंतिम यात्रा झूलेलाल मंदिर में आने के बाद सिंधी कैंप उनके पुराने निवास के सामने पहुंची जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज के लिए एंबुलेंस से देहदान कर रवाना किया गया।
सिंधी कैंप में तीसरा देह दान..
सिंधी कैंप में इसके पहले भी 2 महिलाओं का देहदान उनकी इच्छा अनुसार मरणोपरांत उनके परिजनों के द्वारा किया जा चुका है.. और उसी कड़ी में सोमवार को एक और नाम कमला रोहरा का भी जुड़ गया। तिल्दा में नरेश मित्र मंडल के द्वारा नेत्रदान कराया जाता है रायपुर राजधानी के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में आबादी अनुसार सबसे ज्यादा नेत्रदान तिल्ला कैंप से हुआ है।इसी तरह देहदान दान के मामले में भी तिल्दा सिंधी कैंप नाम अग्रणी शहरों में आ गया है।






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