
किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म के दौरान दी गई स्वच्छता की जानकारी
किशोरी बालिकाएं समझें अपने अधिकारों को
एचआईवी और माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में बताया
रायपुर । मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) आरंग पर 11 से 19 वर्ष तक की किशोरियों के लिये मासिक धर्म स्वच्छता की जानकारी के लिए एक पाठशाला का आयोजन किया गया।इस अवसर परकिशोरियों ने भाग लिया। पाठशाला में व्यक्तिगत स्वच्छता,यौन शिक्षा के साथ-साथ पोषण आहार के बारे में जानकारी विस्तार पूर्वक बताई गई।
किशोरियों के लिये मासिक धर्म स्वच्छता की पाठशाला का आयोजन खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृपा शंकर राय के मार्गदर्शन में किया गया।
ग्रामीण चिकित्सा सहायक (आरएमए) श्रीमती रोशनी रात्रे ने बताया,“किशोरीबालिकाओं को कोविड-19 के दौरान माहवारी के समय विशेष रूप से संक्रमण से बचने के बारे में विस्तार से चर्चा की और शरीर में होने वाले परिवर्तन के बारे बताया गया ।‘’
उन्होंने कहा ‘’किशोरी बालिकाओं को उनके अधिकार जानने और इस उम्र में होने वाले बदलाव तथा इस दौरान उनको किन किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है के बारे में समय पर जानकारी दे दी जाए तो वे परेशानियों को आसानी से समझ कर उन्हें हल करने में सक्षम साबित होगी। किशोरी बालिकाओं को उनकी उम्र के हिसाब से ज्ञानवर्धक बातों की जानकारीसमय पर मिल जाए तो किशोरी बालिका परेशानियों से बच सकेगी। साथ ही भ्रांतियों से भी बच सकती है ।पाठशाला में मासिक धर्म और उस दौरान स्वच्छता के बारे में जानकारी दी गई। किशोरियों को सही पोषण, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, चोट एवं लैंगिक हिंसा तथा किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के महत्व के विषय में जागरूक किया गया । साथ ही एनीमिया, स्तन स्वास्थ्य, संतुलित आहार पर काउंसिलिंग की गई । शारीरिक व्यायाम, योगा के बारे में भी बताया गया।किशोरावस्था में शारीरिक परिवर्तन के कारण सही जानकारी नही होने और लोकलाज के कारण अनेक प्रकार के बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। माहवारी के दौरान माताएं, बहनें और बेटियां कैसे स्वच्छ और स्वस्थ रहें तथा इन दिनों के महत्व एवं उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया गया। इसके अलावा किशोरियों में इज्जत, सुरक्षा और स्वच्छता से माहवारी प्रबंधन पैड के इस्तेमाल उसके निपटारे के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।‘’
एचआईवी काउंसलर चंद्रशेखर राव ने इस “पाठशाला के माध्यम से किशोरीबालिकाओं को एचआईवी के बारे में बताया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित एडोलिसेंस फ्रेंडली हेल्थ सेंटर के बारे में भी किशोरी बालिकाओं को बताया और हमजोलियों से एक दूसरे को सही सलाह देने के लिए भी कहा गया । ताकि किशोरी बालिकाओं के बीच मासिक धर्म के साथ-साथ एचआईवी की प्रति फैली भ्रांतियां भी दूर हो सकें । आयरन के महत्व के बारे में समझाया गया। एनीमिया से निपटने के लिए भी जागरूक किया गया है। 11 से 19 वर्ष तक के किशोरियों को सही पोषण आहार के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता की जानकारी, यौन शिक्षा की आवश्यकता, किशोरावस्था के बारे में पूर्ण जानकारी होना जरुरी है । किशोरियों-बालिकाओं को फोलिक एसिड की गोलियां भी डॉक्टर की सलाह से लेना चाहिये। ”








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