मध्यप्रदेश में कैबिनेट के भीतर कैबिनेट


मध्य्प्रदेश सरकार बिहार की पूर्व की लालू सरकार की तरह अजूबे करने में लगी है. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अब अपनी अधूरी कैबिनेट को पूरा करने के बजाय गायों और पर्यटन के लिए भी कैबिनेट बना दी है .कैबिनेट के भीतर कैबिनेट बना देने से प्रदेश में गौवंश का संरक्षण हो जाएगा या पर्यटन अचानक से बढ़ जाएगा ,ये मान लेना प्रदेश की मजबूरी है .
प्रदेश में गौवंश की बेकदरी की हालत किसी से छिपी नहीं हैं .प्रदेश में कितनी गायें सड़कों पर हैं और कितनी घरों या गौशालाओं में कोई नहीं जानता ,हाँ पंजीकृत गौशालाओं की संख्या जरूर 627 हैं और इनमें से 2 को छोड़कर सब क्रियाशील बताई जाती हैं. प्रदेश की इन गौशालाओं में उपलब्ध गौवंश की संख्या लगभग 1,66,967 बताई जाती है लेकिन इससे कहीं ज्यादा गायें शहरों में सड़कों पर रमण करती नजर आती हैं. आपको बता देना आवश्यक है कि मध्यप्रदेश में 2004 में ही तत्कालीन भाजपा सरकार ने गौ संवर्धन बोर्ड बना दिया था जिसके तहत प्रदेश के हर जिले में एक -एक समिति काम करती है .
प्रदेश की गौप्रेमी सरकार ने राज्य में सरकार द्वारा चलाए जा रहे गायों के लिए आश्रयों में 180,000 से अधिक गायों को खिलाने के लिए 11 करोड़ रुपये या प्रतिदिन का 1.6 रुपये का आवंटन किया था.यहां एक गाय को प्रतिदिन की खुराक पर 20 रूपये देने के निर्देश हैं .गायों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ये पहली कोशिश नहीं है.इससे पहले भी शिवराज सरकार ने सितंबर 2017 में भारत का पहला ‘गौ सेंचुरी’ बनाई थी जो कि आगर के मालवा में कामधेनु गौ अभ्यारण नाम से है. गौ संवर्द्धन बोर्ड द्वारा इस अभ्यराण्य पर 32 करोड़ रुपये खर्च किये गए . भोपाल से 190 किमी दूर उत्तर-पश्चिम में स्थित सेंचुरी 472 हेक्टेयर्स के इस अभ्यारण्य को सरकार चला नहीं पायी सो वित्तीय संकट की वजह से बाद में इसका निजीकरण कर दिया गया.
गायों को बचाने में नाकाम रही भाजपा के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने अब गायों के संरक्षण के लिए ‘गौ कैबिनेट’ बनाने का फैसला किया है. सीएम शिवराज ने बुधवार को इसका ऐलान किया है. इसको लेकर पहली बैठक 22 नवंबर को होगी. गायों के संरक्षण के लिए बनाए जाने वाले इस ‘गौ कैबिनेट’ को पशुपालन, वन, पंचायत, ग्रामीण विकास, गृह और किसान कल्याण विभाग का हिस्सा बनाया जाएगा.गायों की पूछ पकड़कर वैतरणी पार करना आसान है लेकिन इतना आसान भी नहीं जितना की शिवराज सिंह समझते हैं .गायों के नाम पर सालाना 11 करोड़ रूपये खर्च करने वाली सरकार ने एक बार भी ये जानने का प्रयास नहीं किया कि इतनी रकम खर्च करने के बाद गायें गौशालाओं में बेमौत मर क्यों रहीं हैं और सड़कों पर उनकी मौजूदगी क्यों बनी हुई है ? और इसके लिए दोषी कौन है ?
गाय निस्संदेह हमारी आस्था का विषय है लेकिन अब इसे राजनीति का विषय भी बना दिया है. प्रदेश में गायों से बुरी दशा आम आदमी की है .फिर भी गायों के संरक्षण को हम और आप बुरा नहीं मानते,मानना भी नहीं चाहिए लेकिन गायों के संरक्षण के क्षेत्र को राजनेताओं के लिए चारागाह की तरह भी इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए .सवाल ये है की आप गायों को बचाकर उनका क्या करने वाले हैं ?क्या बचाई जाने वाली गायें समाज के किसी काम की हैं या उन्हें सिर्फ पूजा करने के लिए बचाया जाना जरूरी है ?आज कृषि में गौवंश की क्या भूमिका है.दुग्ध उत्पादन में उनका कितना हिस्सा है ? ये सोचे बिना केवल पुण्य कमाने के लिए गौ कैबिनेट बना देने से कुछ होने वाला नहीं है .
गौसंरक्षण के लिए कैबिनेट बनाने से पहले सरकार को विदेशों में गौसंरक्षण के लिए किये जाने वाले इंतजामों का अध्ययन कर लेना चाहिए.वहां की गौशालाओं को देखलेना चाहिए. हमारे यहां गौशालाएं किसी नर्क से कम नहीं हैं. वर्षा के दिनों में इन गौशालाओं में गौधन अपने ही गोबर में धंसकर मर जाता है .हमारे यहां गौशालाएं बाबा-बैरागी चला रहे हैं .वे गौशालाओं की आमदनी का क्या करते हैं,कोई देखने वाला नहीं है .उनका कोई आडिट नहीं है .दानदाताओं के अलावा सरकार का पैसा गौसंरक्षण के लिए इस्तेमाल हो भी रहा है ये जांचने की हमारे यहां कोई व्यवस्था नहीं है .अब ये गौ कैबिनेट कोई करिश्मा कर दिखाए तो राम ही जाने .
गायों की तरह ही प्रदेश में पर्यटन स्थलों की दशा है. मै दशा को दुर्दशा कहने में संकोच नहीं करता. प्रदेश की अब तक किसी भी सरकार ने प्रदेश में पर्यटन को केरल या राजस्थान की तरह लाभ का जरिया बनाने का प्रयास ही नहीं किया.हमारे पास पर्यटन के प्राकृतिक और पुरातात्विक स्थलों की कोई कमी नहीं है लेकिन अधोसंरचना न होने से इन स्थलों तक कोई पहुँच ही नहीं पाटा,और यदि पहुँच भी जाये तो वहां से निराश होकर ही लौटता है .हमारे पर्यटन स्थलों पर मौलिक सुविधाएं इतनी लचर हैं की देखकर शर्म आती है .इन स्थलों पर न पीने की पानी है और न जनसुविधाएं .जबकि पर्यटन हमारे प्रदेश में रोजगार का एक बड़ा जरिया बन सकता है .
कैबिनेट के भीतर बनाई गयी ये दो नयी कैबिनेट यदि गायों और पर्यटन स्थलों के जीवन को नया स्वरूप दे सकें तो प्रदेश का भविष्य चमक सकता है ,लेकिन जिस तरीके से सरकार ने बीते डेढ़ दशक में इस दिशा में काम किया है उसे देखकर कोई ख़ास उम्मीद दिखाई नहीं देती . प्रदेश में गौवंश फलदायी और समाजोपयोगी बन जाये तो किसको आपत्ति हो सकती है ?गायें और उनके बछड़े राजमार्ग से हटकर किसी सुरक्षित स्थान पर पहुँच जाएँ तो किसे बुरा लगेगा ?.हमें उम्मीद करना चाहिए कि प्रदेश के ये प्रयास बिहार के प्रयासों से भिन्न होंगे और इनके सुफल शीघ्र सामने आएंगे . हम बार -बार आशंकाएं इसलिए जताते हैं की क्योंकि चाहे गायों को बचने का मामला हो या हिंदी को बचने का ,हमें निराशा ही हाथ लगती आयी है. हमारे प्रदेश के अटलबिहारी बाजपेयी हिंदी विश्व विद्यालय की दुर्दशा हमारे सामने हैं .
@ राकेश अचल

  • Related Posts

    रोजगार कार्यालय कोरबा में प्लेसमेंट केंप 11 मार्च को होगी

    कोरबा। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र कोरबा में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन 11 मार्च को किया जा रहा है। प्लेसमेन्ट कैम्प के माध्यम से नियोजक, प्रिंसीपल सिक्योरिटी एण्ड एलाईड…

    Read more

    Big Breaking Jashpur भीषण बस एक्सीडेंट: बढ़ने लगी मृतकों की संख्या..  अधिकारी पुष्टि अभी तक

    जशपुर । शुक्रवार की सुबह जिले के गोडाअम्बा में हुए भयानक बस एक्सीडेंट में अब तक 5 लोगों के मरने की खबर आ रही है। जानकारी के मुताबिक मृतकों की…

    Read more

    Comments are closed.

    You Missed

    रोजगार कार्यालय कोरबा में प्लेसमेंट केंप 11 मार्च को होगी

    रोजगार कार्यालय कोरबा में प्लेसमेंट केंप 11 मार्च को होगी

    Big Breaking Jashpur भीषण बस एक्सीडेंट: बढ़ने लगी मृतकों की संख्या..  अधिकारी पुष्टि अभी तक

    Big Breaking Jashpur भीषण बस एक्सीडेंट: बढ़ने लगी मृतकों की संख्या..  अधिकारी पुष्टि अभी तक

    Ram Navami 2026: 26 या 27 मार्च, कब है राम नवमी? जानिए सही तिथि और मुहूर्त

    Ram Navami 2026: 26 या 27 मार्च, कब है राम नवमी? जानिए सही तिथि और मुहूर्त

    नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट बिलासपुर में ICC टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल का लाइव प्रसारण, बड़ी LED स्क्रीन पर मुफ्त में देख सकेंगे मैच

    नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट बिलासपुर में ICC टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल का लाइव प्रसारण, बड़ी LED स्क्रीन पर मुफ्त में देख सकेंगे मैच

    छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव: भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम ने भरा नामांकन, 16 मार्च को मतदान

    छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव: भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम ने भरा नामांकन, 16 मार्च को मतदान

    कोरबा: कुदमुरा धान उपार्जन केंद्र में हाथी का हमला, प्रभारी की मौत

    कोरबा: कुदमुरा धान उपार्जन केंद्र में हाथी का हमला, प्रभारी की मौत
    error: Content is protected !!