भाजपा पार्षद और स्थानीय महिलाओं ने रामपुर स्थित शराब दुकान को अन्यत्र विस्थापित करने किया प्रदर्शन
– रामपुर क्षेत्र में स्थित शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय महिलाओं और वार्ड पार्षद चंद्रलोक सिंह ने एक बार फिर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं शराब दुकान और उसके पास संचालित चकना दुकानों का विरोध करने के लिए मौके पर पहुंचीं। महिलाओं को देखते ही वहां मौजूद शराबी तितर-बितर हो गए। सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि चकना दुकानों के कारण उन्हें वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। शराबियों द्वारा महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की जाती है, जिसका बुरा असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी पड़ रहा है। महिलाओं ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए इन दुकानों को तत्काल बंद करने की मांग की।
वार्ड पार्षद चंद्रलोक सिंह ने बताया कि पहले भी इस शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर वे एक महीने तक टेंट लगाकर बैठे थे। उस समय आबकारी विभाग ने दुकान विस्थापन का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके उलट, अब चकना दुकानें भी संचालित होने लगी हैं, जिससे वार्डवासियों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। पार्षद ने आबकारी विभाग पर जमकर लापरवाही का आरोप लगाया।
आबकारी विभाग के कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों से 1 सितंबर तक का समय मांगा है और शराब दुकान को विस्थापित करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि इन चकना दुकानों में निर्धारित समय से पहले और बाद में भी शराब बेची जाती है, जिसका पुरजोर विरोध किया जा रहा है।

वार्ड वासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आबकारी विभाग उनकी मांगों को नहीं मानता है और शराब दुकान का विस्थापन नहीं करता है, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। रामपुर के निवासियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है और वे अपनी सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल के लिए प्रतिबद्ध दिख रहे हैं।








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