
मीडिया सेशन/ संत निरंकारी मिशन आध्यात्मिक जागरुकता के साथ समाज सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में, वर्ष 2023 से आरंभ ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के तहत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान चलाया जा रहा है। यह परियोजना संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक गुरु बाबा हरदेव सिंह जी की शिक्षाओं से प्रेरित है, जिसमें जल स्रोतों की सफाई और स्वच्छता के प्रति जागरुकता पर विशेष जोर दिया गया है।
23 फरवरी 2025 को पूरे भारत में 400 से अधिक जल स्रोतों की सफाई
संत निरंकारी मिशन की प्रमुख सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से इस वर्ष भी 23 फरवरी 2025 को देशभर में 400 से अधिक जल स्रोतों (तालाब, नदियां, झीलें, झरने, समुद्र) की सफाई की जाएगी।
तिल्दा में छोटा तालाब की होगी सफाई
इस अभियान के तहत तिल्दा शाखा में छोटा तालाब की सफाई का निर्णय लिया गया है। तिल्दा ब्रांच के मुखी महात्मा सुन्दर दास जैसवानी ने बताया कि इस स्वच्छता अभियान में लगभग 80से90 सेवादार भाई-बहनों के भाग लेने की संभावना है। अभियान के दौरान स्थानीय निवासियों को जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
संत निरंकारी मिशन की समाज सेवा केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है। इसके सामाजिक सेवा संगठन ‘संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन’ द्वारा रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान जैसी कई गतिविधियाँ वर्षों से आयोजित की जा रही हैं। इन प्रयासों को समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा सराहा जा रहा है।
संत निरंकारी मिशन मानव सेवा को ही ईश्वर की सच्ची भक्ति मानता है। यह कोई धर्म या संप्रदाय नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक विचारधारा है, जो एक ईश्वर की भक्ति करने का संदेश देती है।







Comments are closed.