
तिल्दा/नेवरा/ सत्यनारायण अग्रवाल शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, कोहका नेवरा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का समापन हुआ। यह कार्यक्रम “छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर तथा राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, नई दिल्ली” द्वारा प्रायोजित था। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम एल वर्मा द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में संबोधित करते हुए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 की थीम की व्याख्या की गई एवं विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विज्ञान और नवाचार के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस आयोजन का उद्देश्य नोबेल पुरस्कार विजेता भारत रत्न सर सी. वी. रमन की उपलब्धियों को याद करते हुए छात्रों एवं युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना था। इसके अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी, क्विज, रंगोली एवं चित्रकला का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में कोहका नेवरा महाविद्यालय के साथ साथ आसपास के विद्यालयों के भी छात्र-छात्राएं शामिल हुए। विजेता प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र के साथ नगद पुरुस्कार भी प्रदान किए गए।
रंगोली प्रतियोगिता में कुल नौ विद्यार्थियों ने भाग लिया जिसमें सरस्वती शिशु मंदिर की छात्रा युक्ति यदि को प्रथम पुरस्कार, पीएम श्री प्रियदर्शनी शासकीय विद्यालय की छात्रा रामेश्वरी साहू को द्वितीय पुरस्कार तथा सत्यनारायण अग्रवाल शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय की छात्रा ऐश्वर्या वर्मा को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुए।
चित्रकला प्रतियोगिता में कुल 20 विद्यार्थियों ने भाग लिया जिसमें सत्यनारायण अग्रवाल शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय की छात्रा योगिता सेन को प्रथम पुरस्कार, पीएम श्री प्रियदर्शनी शासकीय विद्यालय की छात्रा अर्चिता निषाद को द्वितीय पुरस्कार तथा इसी विद्यालय से साक्षी साहू को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुए।
विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता में कुल 17 विद्यार्थियों ने भाग लिया जिसमें सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र अर्जुन शर्मा को प्रथम पुरस्कार, सत्यनारायण अग्रवाल शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के छात्र धनेंद्र कुमार को द्वितीय पुरस्कार तथा उसी संस्था की छात्रा गायत्री वर्मा को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुए।
क्विज प्रतियोगिता (विद्यालय स्तर) में पीएम श्री प्रियदर्शनी शासकीय विद्यालय की टीम (काव्य पटेल, यश शर्मा, ओवैस रज़ा) को प्रथम पुरस्कार, सरस्वती शिशु मंदिर की टीम (सूर्यकुमार, खेमराज वर्मा, हेमंत पटेल) को द्वितीय पुरस्कार तथा केरला पब्लिक स्कूल की टीम (वेदांत वर्मा, कामेश देव सोनवानी, सेजल मिश्रा) को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुए।
महाविद्यालय स्तर के क्विज प्रतियोगिता में धनेंद्र कुमार, नंदिनी वर्मा, लक्ष्मी वर्मा की टीम को प्रथम पुरस्कार, प्रीतम कुमार वर्मा, यमुना निषाद, दीपिका ध्रुव की टीम को द्वितीय पुरस्कार तथा शैलेश कुमार, रोशन, रंजीत प्रजापति की टीम को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुए।
व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत पहला व्याख्यान डॉ. नंद कुमार चक्रधारी, एसोसिएट प्रोफेसर (फिजिक्स एंड एस्ट्रोफिजिक्स) पंडित रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा खगोल शास्त्र के संबंध में दिया गया। डॉ. चक्रधारी ने हमारे सौरमंडल तारामंडल तथा अन्य महत्वपूर्ण तारों और ग्रहों के बारे में बहुत महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने बहुत ही रोचक तरीके से विद्यार्थियों का ध्यानकर्षित करते हुए बताया कि किस प्रकार सप्ताह के सातों दिन हमारे ग्रहों से संबंधित हैं। उन्होंने कालपुरुष और सप्तऋषि तारामंडल के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि कैसे चंदा हमारे मामा और हमारी पृथ्वी के भाई हैं क्योंकि वह पृथ्वी पर आने वाली सभी मुसीबत को स्वयं ले लेते हैं और हमारी पृथ्वी की रक्षा करते हैं। उन्होंने खगोल विज्ञान की बारीकियों को बहुत ही रोचक तरीके से प्रस्तुत किया.
दूसरा व्याख्यान श्री अजय मिश्रा, सहायक प्राध्यापक, जंतु विज्ञान, शासकीय महाविद्यालय लवन, जिला बलौदा बाजार द्वारा प्राकृतिक संरचनाओं के विज्ञान से संबंधित महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया गया. उनके द्वारा प्राकृतिक संरचनाओं में पाए जाने वाले गोल्डन अनुपात और फिबोनाची श्रृंखला के बारे में विस्तार से बताया गया. उन्होंने बताया कि गोल्डन रेश्यो एक गणितीय अनुपात है जिसका मान 1.618 होता है और यह आमतौर पर प्रकृति में पाए जाने वाली समस्त सुंदर वस्तुओं मे इसका अनुपालन होता है । उन्होंने हमारे दैनिक जीवन शैली से जुड़ी विभिन्न तथ्यों को भी स्पष्ट किया।
तृतीय व्याख्यान पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के रसायन शास्त्र विभाग से प्रोफेसर कमलेश कुमार श्रीवास के द्वारा दिया गया.
उन्होंने विभिन्न स्पेक्ट्रोस्कॉपी तकनीक को हमारे दैनिक जीवन से जोड़ते हुए उनके अनुप्रयोगों के बारे में बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले 36 प्रकार की भाजियों में पाए जाने वाले तत्वों के बारे में बताया। जिसके अनुसार मुनगा भाजी और कांदा भाजी आयरन के सर्वश्रेष्ठ श्रोत हैं। इसके अलावा उन्होंने स्पेक्ट्रोस्कोपी से संबंधित MRI, एक्स-रे, प्रदूषण जांच मशीन आदि के अनुप्रयोगों को भी बताया है।
अंतिम व्याख्यान पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के रसायन शास्त्र विभाग से ही एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मनमोहन लाल सतनामी के द्वारा दिया गया. डॉ मनमोहन सतनामी ने नैनो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए रिसर्च और इनोवेशन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज कोई भी क्षेत्र नैनो टेक्नोलॉजी से अछूता नहीं है चाहे वह चिकित्सा का क्षेत्र हो, कृषि का या फिर इलेक्ट्रॉनिक्स का। उन्होंने गोल्ड नैनो पार्टिकल्स का एक्सपेरिमेंट करते हुए उसमें लेजर लाइट डालकर फ्लोरोसेंस को दिखाया जो विद्यार्थियों को बहुत आकर्षक लगा।
कार्यक्रम के अंत में महाविधालय के प्राचार्य डॉ. एम. एल. वर्मा द्वारा सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया एवं वक्ताओं को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया तथा सी कोस्ट, रायपुर को कार्यक्रम की फंडिंग के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया गया. कार्यक्रम समंवयक डॉ आशीष आसटकर द्वारा सभी प्रतिभागियों, श्रोताओं और वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविधालय के समस्त स्टाफ़ मौजूद रहे.







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