लोकेशन=तिल्दा नेवरा
रिपोर्टर/निखिल वाधवा..!
इस गंभीर मामले की खबरें स्थानीय मीडिया में लगातार प्रकाशित की जा रही हैं, बावजूद इसके संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जब वे जिम्मेदार अधिकारियों को इस अवैध कारोबार की सूचना देते हैं, तो कोई कार्रवाई तो नहीं होती, उल्टा रेत माफियाओं को पहले ही जानकारी दे दी जाती है कि किसने शिकायत की है। इससे शिकायत करने वाले नागरिक खुद खतरे में पड़ जाते हैं और अवैध कारोबारियों के हौसले और भी बुलंद हो जाते हैं।
यह स्थिति न सिर्फ प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि कहीं न कहीं इस अवैध कारोबार को अंदरखाने से संरक्षण मिल रहा है। क्षेत्रवासी पूछ रहे हैं कि जब बार-बार खबरें छपने और शिकायतें होने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया जा रहा, तो आखिर किसके इशारे पर यह खेल चल रहा है?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशासन इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेता है या यूं ही आंख मूंदकर बैठा रहता है।








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