जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने की प्रक्रिया तेज : लोकसभा में 145, राज्यसभा में 63 सांसदों ने दिया नोटिस,जानें क्या है आरोप

दिल्ली। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। दिल्ली में मौजूद उनके आवास से जली हुई नकदी के बंडल मिलने के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को उनके खिलाफ नोटिस सौंपे हैं। यशवंत वर्मा को इस विवाद के बाद दिल्ली हाईकोर्ट से वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया गया है।

लोकसभा में 145 सांसदों ने एक साथ मिलकर न्यायमूर्ति वर्मा को हटाने के लिए नोटिस दिया है। इसमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी, भाजपा के रविशंकर प्रसाद और अनुराग ठाकुर, कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और के सुरेश, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले, डीएमके के टीआर बालू, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन और आईयूएमएल के ईटी मोहम्मद बशीर जैसे कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं।

राज्यसभा में भी 63 सांसदों ने यही मांग उठाते हुए नोटिस दिया है। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि आम आदमी पार्टी और विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसदों ने भी इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद भले ही सोमवार को मौजूद नहीं थे, लेकिन वे भी इस मुद्दे पर साथ हैं और जल्द ही अपने हस्ताक्षर जमा करेंगे।

क्या है संवैधानिक प्रक्रिया?न्यायाधीश को हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 218 के तहत प्रक्रिया तय की गई है। लोकसभा में कम से कम 100 और राज्यसभा में कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। अगर लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति दोनों नोटिस को स्वीकार करते हैं, तो एक जांच समिति बनाई जाती है। इस समिति में एक वरिष्ठ सुप्रीम कोर्ट जज, एक हाई कोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश और एक प्रख्यात कानून विशेषज्ञ शामिल होते हैं। यह समिति तीन महीने के भीतर जांच रिपोर्ट संसद को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर संसद में चर्चा होगी और फिर मतदान के बाद निर्णय लिया जाएगा।

क्या हैं आरोप?हाल ही में दिल्ली में मौजूद उनके आवास से जले हुए नोट बरामद हुए थे। न्यायमूर्ति वर्मा ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। लेकिन जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस कमरे में नकदी मिली, उस पर जज यशवंत वर्मा और उनके परिवार का सीधा या अप्रत्यक्ष नियंत्रण था। इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है।पहले भी हुआ था ऐसावहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि इससे पहले भी 13 दिसंबर 2024 को न्यायमूर्ति शेखर यादव को हटाने के लिए राज्यसभा में ऐसा ही नोटिस दिया गया था।

  • Related Posts

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सम्मान समारोह का आयोजन जिला न्यायालय कोरबा में किया गया

    कोरबा, 08 मार्च 2026/ उच्च न्यायालय बिलासपुर (छत्तीसगढ़), राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार आज 08 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला…

    Read more

    किसानों के खेतों में उतरे कलेक्टर के कदम,मूंगफली – उड़द और मक्का की फसल का किया अवलोकन

    शकरकंदी, पपीता सहित अन्य लाभदायक फसलों के लिए किया प्रोत्साहित विद्युत अवरोध की शिकायत पर तत्काल अधिकारियों को दिए निर्देश पुल निर्माण की मांग पर स्थल निरीक्षण कर परीक्षण कराने…

    Read more

    Comments are closed.

    You Missed

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सम्मान समारोह का आयोजन जिला न्यायालय कोरबा में किया गया

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सम्मान समारोह का आयोजन जिला न्यायालय कोरबा में किया गया

    किसानों के खेतों में उतरे कलेक्टर के कदम,मूंगफली – उड़द और मक्का की फसल का किया अवलोकन

    किसानों के खेतों में उतरे कलेक्टर के कदम,मूंगफली – उड़द और मक्का की फसल का किया अवलोकन

    जांजगीर-चांपा 300 साल पुरानी परंपरा: पंतोरा में पंचमी पर लट्ठमार होली, पूजा के बाद युवतियों ने बरसाईं लाठियां अनोखी परंपरा  

    जांजगीर-चांपा 300 साल पुरानी परंपरा: पंतोरा में पंचमी पर लट्ठमार होली, पूजा के बाद युवतियों ने बरसाईं लाठियां अनोखी परंपरा  

    कटघोरा को जिला बनाने की मांग को विधायक तुलेश्वर सिंह का समर्थन,अधिवक्ता संघ से की मुलाकात

    कटघोरा को जिला बनाने की मांग को विधायक तुलेश्वर सिंह का समर्थन,अधिवक्ता संघ से की मुलाकात

    दुर्ग: भाजपा नेता के खेत में अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई, पार्टी ने किया सस्पेंड

    दुर्ग: भाजपा नेता के खेत में अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई, पार्टी ने किया सस्पेंड
    error: Content is protected !!