
कोरबा / पाली / आदिशक्ति मां महिषासुर मर्दिनी देवी मंदिर चैतुरगढ़ के कपाट को बंद करने के एक सप्ताह बाद बुधवार को फिर मंदिर का पट खोल दिया गया। इससे देवी के भक्तों में नवरात्रि पर्व को लेकर अब खासा उत्साह है। पट खोलने का निर्णय एसडीएम पाली की उपस्थिति में हुई बैठक में लिया गया, जिससे अब वहां नवरात्रि पूजा हो सकेगी।
पाली के लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में एसडीएम शिव बनर्जी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी। इसमें पुरातत्व विभाग के अधिकारी, वन मंडल कटघोरा के अधिकारी, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों सहित चैतुरगढ़ में पूजा विकास की दोनों ट्रस्ट, समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। बैठक में संरक्षण सहायक हेमंत मीणा पुरातत्व विभाग ने मंदिर में ताला लगाने की वजह बताते हुए कहा कि वहां की शांति, सुरक्षा और पुरातत्व विभाग की धरोहर को सुरक्षित रखने यह कदम उठाना जरूरी था। इसके लिए प्रशासनिक जवाबदारी तय हो तो वह आज ही मंदिर का पट खुलवा देंगे। एसडीएम शिव बनर्जी ने दोनों समिति, ट्रस्ट के आपसी विवाद और उनका पक्ष जाना। उन्होंने कहा कि 22 मार्च से चैत्र नवरात्र पर्व शुरू होने वाला है ऐसे में नवरात्र पर्व बेहतर ढंग से कैसे किया जाए इसे ध्यान में रखते हुए फिलहाल दोनों ट्रस्ट, समिति से 5-5 सदस्य एसडीएम की अध्यक्षता में गठित संचालन समिति नवरात्र पर्व की देखरेख और व्यवस्था करेंगी।
भावना हो रही थी आहत
चैतुरगढ़ स्थित आदिशक्ति मां महिषासुर मर्दिनी देवी मंदिर में समिति के विवाद के कारण भक्तों की धार्मिक भावना आहत हो रही थी। इसके कारण भारतीय पुरातत्व विभाग ने मंदिर के गर्भ गृह और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया था । ऐन नवरात्र पर्व के पहले मंदिर के बंद होने से भक्तों और श्रद्धालुओं में नाराजगी और असंतोष व्याप्त था। बहरहाल एक बार फिर प्रशासनिक हस्तक्षेप से मामले का निपटारा हो गया है, लेकिन समस्या का स्थाई हल नहीं होने से आगे भी विवाद हो सकता है।








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