
बिलासपुर । हृदय विदारक सूचना देते हुए मैं स्तब्ध हूं कि आज दिनांक 29 अगस्त 2021को भिनसार अपोलो हास्पिटल बिलासपुर में हमारी प्रगाढ स्नेहमयी गुरूमाता श्रीमती विमला मानिकपुरी ( जीवन संगिनी श्री बी. एल. मानिकपुरी , रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर ) का सतलोक गमन हो गया । अपने पीछे सत्लोकी माताजी भरा पूरा परिवार छोड गईं । रक्षा बंधन के दिन पूरे परिवार के साथ खुशनुमा माहौल में उन्होंने दिन बिताया था और सभी स्वजनों – परिजनों पर ममता वृष्टि
की थीं । सहसा अस्वस्थ होने पर उन्हें रात्रि में ही एडमिट किया गया था । वे हृदय , किडनी और फेफडे की गंभीर समस्याओं से जूझ रहीं थीं और जीवन – मृत्यु से घोर संघर्ष कर रहीं थीं । उन्हें बचाने के लिए संपूर्ण अथक प्रयास किया गया , लेकिन विधि के विधान के आगे हम लोग नतमस्तक हैं। अभी कुछ ही पलों में उनके पार्थिव देह की यात्रा कोविड के नियमों का पालन करते हुए , बिनोबा नगर बिलासपुर स्थित सोनू निवास से निकलेगी । श्रीमती विमला मानिकपुरी सुत द्वय संजय मानिकपुरी व्याख्याता ,पेंड्रा , संदीप मानिकपुरी फोरमेन इंचार्ज SECL दीपका कोरबा तथा चार दुहिताओं प्रो. बेला महंत , मंजु महंत , कामिनी महंत व्याख्याता , डा . अनुपमा धनंजय नाक ,कान ,गला विशेषज्ञ की जननी थीं । साथ ही क्रमश : प्रो. ( डा.) फूलदास महंत , अशोक महंत चाम्पा ,भारत प्रकाश महंत बाल्को कोरबा और इंजी . रूपेश धनंजय कार्यपालन यंत्री ,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और श्रीमती पिंकी मानिकपुरी एवं श्रीमती अंशु मानिकपुरी व्याख्याता की सासू मां थीं । वहीं इन पंक्तियों के सर्जक डा. देवधर महंत – श्रीमती शकुंतलादेवी महंत की गुरूमाता थीं । इन्होंने अपनी संतानों को उच्च शिक्षा और संस्कार देने तथा घर – परिवार – समाज को सजाने – संवारने में अप्रतिम भूमिका निभायीं एवं स्वजनों – परिजनों को अपने स्नेह ,सूत्र से सदैव बांधे रखा । ये सामाजिक कार्यों में भी अग्रणी रहीं । विगत वर्ष लखीराम अग्रवाल स्मृति आडिटोरियम बिलासपुर में आयोजित सामाजिक सम्मेलन में इनका भावभीना सम्मान किया गया था । सभा के विशेष आग्रह पर इन्होंने शुभकामनापरक वैवाहिक गीत का सस्वर हृदयग्राही भावपूर्ण ढंग से गायन किया था । तब मंत्रमुग्ध जी. डी. मानिकपुरी अधिवक्ता भाटापारा ने मुझसे टिप्पणी की थी कि इस पीढी के बाद ये गीत सुनने को नहीं मिलेंगे । आज वह उक्ति चरितार्थ हो गई । 8 अगस्त 2021 को कटघोरा में संपन्न भव्य सामाजिक सम्मेलन के बाद मैं और अनुज इंजी. पोषक मह़त ,(फोरमेन इंचार्च SECL , सांसद प्रतिनिधि , अध्यक्ष डिप्लोमा इंजी. एसोसिएशन , महामंत्री जिला कांग्रेस
कमेटी ,ग्रामीण ,कोरबा ) के साथ मिलने बिलासपुर आये थे , तो उनसे
प्रदीर्घ संवाद हुआ था । प्रणाम करने पर हमेशा की तरह उन्होंने लंबा-
सा आशीर्वाद दिया था ” एक के अक्काइस होवय , दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की होवय , संसार म तुंहर जस फहराय , धन दोगानी बाढय.. आदि ..आदि । सचमुच उनका आशीर्वाद फलित हुआ है ।… और भी इतिहास रचना अभी शेष है … लेकिन आगामी सफलताओं और वैभव को देखने के लिए वे आंखें अब नहीं रहेंगीं । उनके अस्वस्थता की सूचना मिलते ही विगत दिनों से मैं बिलासपुर में ही हूं । सत्पुरूष सलोकी जननी के जीवन साथी ,प्रख्यात समाजसेवी ,सरल – सहज व्यक्तित्व के धनी 81 वर्षीय
श्री बी. एल. मानिकपुरी तथा सभी संतानों ,स्वजनों – परिजनों एवं स्नेहिल समाज को इस अपार मर्मांतक पीडा को सहने की शक्ति प्रदान करें।
भुरसाल पैलेस झरना ( बाराद्वार ) की ओर से भी अपनी गुरूमाता को भावभीनी ,विनम्र श्रद्धांजलि ।
@ डा. देवधर महंत ,
भुरसाल पैलेस ,झरना ( बाराद्वार )
जिला – जांजगीर – चाम्पा ,छग







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