
कोरोना एक भयावह बीमारी का नाम है जो दुनिया मे तबाही मचाया हुआ है हमारे देश का नही अपितु पूरे दुनिया की आर्थिक मंदी को झकझोर कर रख दिया है । सबसे अधिक प्रभावित मजदूर वर्ग, शिक्षा , स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है ।
मजदूर वर्ग –
देश मे सबसे अधिक आर्थिक मंदी की मार मजदूर वर्ग झेल रहे हैं । दिहाड़ी ,मजदूर,ठेला,गुमटी, वालो को हो रही है । मजदूर वर्ग रोज कमाना रोज खाना रहता है । इतने लंबे lockdiwn में क्या खाएंगे । मजदूर जो बाहर कमाने खाने गए हैं वो भी परेशान हो रहे हैं । उनकी मालिक locjdown के बहाने काम पर निकाल दिए। फिर क्या मजदूर हुखे प्यासे रोड पर नजर आ रहे हैं। न् घर नसीब न् ही काम । केंद्र सरकार को गरीबों को आर्थिक मदद करनी चाहिए । ताकि कुछ मदद मिल सके ।
शिक्षा पर —-
आज के बच्चे कल के नागरिक हैं , कोरोना की मार से कोई नही बच आया । यहाँ तक भी सरकार को दो दो बार बच्चो को पास करना पड़ा । ऎसे में बच्चे अपने भविष्य कैसे सवारेंगे । पालक तो चिंतित हैं ही गुरुजनो को भी समझ मे नही आ रहा है कि बिना परीक्छा दिलाये पास हो गये । अभी तो बच्चे खुश हो रहे हैं बाद में दुख होगा । निजी स्कूलों पर आर्थिक मार बहुत अधिक हो रहा है । दो शिकच्चा सत्र पार हो गया । स्कुल में न् कोई बच्चा, न् फीस कैसे चलेगी गुरुजी की जिंदगी । स्कूलों के ऊपर आर्थिक मंदी कि मार होने के कारण देश के लाखों निजि गुरुजी भूखे मरने के कगार पर है । बहुत निजी आर्थिक मार से बेचने को मजबूर हो रहे हैं । प्रदेश सरकारों को निजी स्कूलों के गुरुजी को आर्थिक पैकेज देनी चाहिए ताकि कुछ राहत मिल सके । देश के बड़े बड़े अधिकारी,नेता को पढ़ाने वाले कौन अर्थात गुरुजी। गुरुजी का पेट भूख से जल रहा है तो अच्छी शिकच्चा कहा से दे पायेंगे । अर्थात जैसा खाये अन्न वैसा रहे मन ।
स्वास्थ्य विभाग—
कोरोना बीमारी ने हजारों,लाखो कि जान ले चुका । फिर भी इनकी रफ्तार कम नही हुआ। सभी देशों ने मिलकर कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन ढूढ निकाले । क्रमशः सीनियर सिटीजन के अनुसार वैक्सीन लगना शुरू तो हो गया, परंतु कोरोना तेजी से चपेट में लेना शुरू कर दिया । पहले तो 45 साल से ऊपर लोगो को वैक्सीन दिय्या जा रहा था ,परंतु अब देश की हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र के लोगो को फ्री में वैक्सीन लगना है । इससे लोगो को पूरी उम्मीद है कि कोरोना कंट्रोल होगी । क्योकि अन्य देशों में कोरोना का वैक्सीन लगने के बाद बहुत कुछ कंट्रोल हुआ है । कोरोना बीमारी सभी वर्गों को अपनी चपेट में ले लिया है । सभी प्रदेशो के हास्पिटल में बेड फूल हो गया है । सभी स्थानों में आक्सीजन की कमी बतायी जा रही है और मरीजों की संख्या अधिक । आक्सीजन की कमी से लोग तेजी से मर रहे हैं । न्यूज़ चैनलों में खबर दिखाई जा रही हैं । परंतु दूसरी पहलू में केंद्र सरकार कोरोना से निपटने के लिए तेजी से आंसीजन की पूर्ति करने में लगी हुई है । आक्सीजन की कमी से अपने लोगों को मरते देख रहे हैं । निजी हास्पिटल के संचालक भी मजबूर हैं मरीज इतनी अधिक की बेड एवम आक्सीजन भी बहुत कम पड़ रहे हैं । बीमार लोगो के परिजनो द्वारा तो हॉस्पिटलों के जमीन पर लेटाया जा रहा है । किसी तरह तो इलाज हो सके भले ही बेड न् मिले ।
दुनिया मे पहली बार सभी देशों के डॉक्टर बढ़ती हुई मरीज एवम संसाधनों मि कमी को देखकर रो रहे हैं । क्योकि खुद के रिश्तेदारों को बेड न् दवाई उपलब्ध करा पा रहे हैं । देश मे सबसे अधिक आर्थिक मंदी प्रभावित हुआ है ।







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