
कोरबा/ मो. न्याज नूर आरबी
भाजपा जिला सह संयोजक
सहकारिता प्रकोष्ठ ने विज्ञप्ति जारी कर यह बयान दिया है की प्रदेश की कांग्रेस सरकार के आप से द्वंद और झगड़े के परिणाम स्वरूप सरकार में मंत्री टी. एस. सिंह देव ने पंचायत मंत्रालय का कामकाज छोड़ इस्तीफा देते हुए जो कदम उठाया वह छत्तीसगढ़ के समस्त जनता के आंख खोलने के लिए पर्याप्त है आंख खोलने के लिए ही नहीं बल्कि सरकार का पोल खोलने के लिए भी।
जरा विचार करें
टी एस बाबा ने खुद कहा कि उनकी बातें न सुनी जाती थी और न ही मानी जाती थी।
उन्होंने यह भी सच कहा कि अगर हमने अपना जनघोषणा पत्र पर अमल नही किया तो जनता के बीच क्या मुंह लेकर जाएंगे।ये एक स्वाभिमानी राजा की पहचान है।
विगत तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में आठ लाख प्रधानमंत्री आवास बनाए जा सकते थे लेकिन किसी गरीब का घर नही बना और पैसा वापस हो गया ।
शिक्षकों कर्मचारियों की मांगों को पूरा करना तो दूर की बात है हमें महंगाई भत्ता तक नही दिया जा रहा।
ये सरकार केवल कमेटी बनाने वाली सरकार है बात बात पर कमेटी और केवल कमेटी
आखिर – केन्द्र द्वारा दिया गया जी.एस.टी. का राजस्व, शराब बिक्री का पैसा योजनाओं के नाम पर लिए जा रहे हजारों करोड़ का कर्ज ये सारे पैसे आखिर जा कहां रहा है?
अधिकारियों कर्मचारियों के साथ ही छत्तीसगढ़ की समस्त जनता को इस बात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
इस्तीफे में लिखे कारणों से यह स्पष्ट है कि अब तक भारतीय जनता पार्टी जिन आरोपों को लगाती रही है वह पूरी तरीके से सही साबित हुए हैं। भूपेश बघेल की सरकार की अपने जनघोषणा पत्र की वादाख़िलाफ़ी कर भ्रष्टाचार, अराजकता में अपनी पराकाष्ठा पार कर चुकी है।







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