
कोरबी चोटिया:-कोरोना महामारी संक्रमण से एक तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में उसके बचाव के लिए तरह तरह शासन द्वारा जारी किए गए नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, वही इस जान लेवा बिमारी को ग्रामीण क्षेत्रों में हल्के ढंग से लेते हुए उससे ज्यादा खतरनाक जान लेवा पिछले दो वर्ष से अधिक हो जा रहे जंगली हाथियों का खौफ क्षेत्र के ग्रामीणों में चिंता की लकीर मंडरा रही है,
कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज के ग्राम बनिया, के ग्रामीण लगभग डेढ़ सप्ताह से 46 हाथियों के आतंक से परेशान हो गए हैं,
इस संबंध में बनिया गांव के सरपंच प्रतिनिधि मानसिंह, ने बताया कि रात तो रात दिन दहाड़े हाथियों के झुंड द्वारा फसल को तहस-नहस कर दी जा रही है,
वहीं रात में घनी आबादी वाले बस्ती में घुसकर ग्रामीणों के घर को हाथियों के द्वारा तोड़ा जा रहा है,
1 सप्ताह के भीतर कम से कम आधा दर्जन घर हाथियों के द्वारा तोड़कर तहस-नहस कर दिया गया है, वहीं बीते रात्रि ग्राम बनिया का तलाब पारा मोहल्ले में फेकू राम यादव, एवं जोधन साय धोबी,का घर तोडा गया,
शाम ढलते ही हाथियों का झुंड ग्रामीणों के घर के आसपास मंडराना शुरू कर देते हैं, जिससे लोग अपनी जान बचाने के चक्कर में बाल बच्चे सहित शासकीय भवन में रात जागकर बिता रहे हैं,
इस संबंध में खबर मिलते ही हाथी प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल गजराज वाहन दल के द्वारा मुनादी कराई जा रही है, वहीं वन मंडलाधिकारी समा फारुकी के निर्देशन एवं एसडीओपी तिवारी के मार्गदर्शन में विधिवत रूप से पसान वन परिक्षेत्र अधिकारी निश्चल शुक्ला,व तनेरा,( जलके) के परिक्षेत्र सहायक अधिकारी एस एस तिवारी, के द्वारा एक टीम गठित कर हाथी से प्रभावित गांवों में पहुंच कर लाऊडीस पीकर के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है,
तथा हाथियों के द्वारा फसल के नुक़सान का आकलन वन रक्षक सुरेश यादव, दि्वेदी, सहित अन्य वन कर्मचारी मौके पर पहुंचकर धन हानि क्षति पुरती राशि दिए जाने की कार्यवाही की जा रही है।






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