आई.पी.एस. दीपका में मातृभाषा हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए किए गए विविध आयोजन


⭕ इंडस पब्लिक स्कूल में विश्व हिंदी दिवस पर हुए सुलेख ,स्लोगन,वादविवाद एवं हिन्दी कविता,अंताक्षरी,मुहावरे-लोकोक्ति शैली में संवाद प्रतियोगिता का आयोजन ⭕ विद्यार्थियों ने लिखे आकर्षक हिंदी सुलेख एवं प्रेरक स्लोगन तथा ’दहेज-प्रथा’ एवं’ हिन्दी भाषा का महत्व’ जैसे रोचक विषय पर हुआ वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन ⭕ आई.पी.एस. के बच्चों ने जाना हिन्दी भाषा का महत्व ।
⭕ हिन्दी भाषा, हमारी संस्कृति से जुड़ा धरोहर है – श्री हेमलाल श्रीवास ⭕ भारतीय भाषाएँ एवं संस्कृति एक विश्व की अनुपम धरोहर- श्रीमती सोमा चौधरी ⭕ हिन्दी भाषा, संस्कृति और मूल्य हमारे साथ बरकरार रहने चाहिए और ये एक अनुस्मारक के रूप में कार्य करते है-डॉ. संजय गुप्ता ○

जन्म से हम जिस भाषा का प्रयोग करते हैं, वहीं हमारी मातृभाषा है । या हम कह सकते हैं कि जो भाषा हम अपनी माँ से या अपने परिवार से सीखते हैं, उसे ही मातृभाषा के रूप में परिभाषित किया जाता है । सभी संस्कार एवं व्यवहार इसी के द्वारा हम पाते हैं । इसी भाषा से हम अपनी संस्कृति के द्वारा जुड़कर उसकी धरोहर को आगे बढ़ाते हैं । भारतवर्ष के हर प्रान्त की अलग भाषा, संस्कृति है, एक अलग पहचान है । उनका अपना एक विशिष्ट भोजन, संगीत और लोकगीत है । इस विशिष्टता को बनाये रखना, इसे प्रोत्साहित करना अति आवश्यक है ।
वर्तमान समय में बच्चे अपनी मातृभाषा भी भूलते जा रहे हैं ।

क्योंकि धीरे-धीरे अपनी मातृभाषा में बात न करना फैशन सा बनता जाता है, इससे गाँव और शहर के बच्चों में दूरियाँ बढ़ती है । गाँव देहात के बच्चे जो सबकुछ अपनी मातृभाषा, लोकभाषा में सीखते हैं, अपने को हीन और शहर के बच्चे जो सबकुछ अंग्रेजी में सीखते हैं, स्वयं को श्रेष्ठ बेहतर समझने लगते हैं । इस दृष्टिकोण में बदलाव आना चाहिए । हमारे बच्चों को अपनी मातृभाषा और उसी में ही दार्शनिक भावों से ओतप्रोत लोकगीतों इत्यादि का आदर करते हुए सीखना चाहिए नहीं तो हम अवश्य ही कुछ महत्वपूर्ण खो देंगें ।

विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर दीपका स्थित इंडस पब्लिक स्कूल में मातृभाषा हिन्दी को बढ़ावा देने व अपनी भाषा के ज्ञान एवं सम्मान करने विविध आयोजन किए गए । इस आयोजन में हिन्दी विभाग की ओर से बच्चों के लिए संगोष्ठी, भाषा क्लब का गठन, पत्र-पत्रिका वाचन, निबंध लेखन, सुलेख, वाद-विवाद का आयोजन किया गया ।

आयोजन का स्तर कक्षा के आधार पर रखा गया । कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों ने हिन्दी विभागाध्यक्ष श्री हेमलाल श्रीवास एवं सोमा चौधरी के दिशा-निर्देशन में मुहावरे एवं लोकोक्ति शैली में वार्तालाप प्रतियोगिता का आयोजन करवाया साथ ही दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले विभिन्न अंगेजी शब्दों का शुद्ध हिन्दी पर्याय बताया।

वर्तमान की सबसे विकट समस्या दहेज-प्रथा जैसे विषय पर एवं हिन्दी भाषा के महत्व पर वादविद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।कक्षा 9वीं एवं 7वीं के विद्यार्थियों के मध्य अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।सभी विद्यार्थियों ने सभी प्रतियोगिताओं का भरपूर आनंद लिया।विद्यार्थियों ने शुद्ध हिन्दी शब्दों का प्रयोग करते हुए अपना परिचय दिया।

इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि हिंदी दिवस को उस दिन को याद करने के लिए मनाया जाता है जिस दिन हिंदी हमारे देश की आधिकारिक भाषा बन गई। यह हर साल हिंदी के महत्व पर जोर देने और हर पीढ़ी के बीच इसको बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है जो अंग्रेजी से प्रभावित है। यह युवाओं को अपनी जड़ों के बारे में याद दिलाने का एक तरीका है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कहाँ तक पहुंचे हैं और हम क्या करते हैं अगर हम अपनी जड़ों के साथ मैदान में डटे रहे और समन्वयित रहें तो हम अपनी पकड़ मजबूत बना लेंगे।

यह दिन हर साल हमें हमारी असली पहचान की याद दिलाता है और देश के लोगों को एकजुट करता है। जहां भी हम जाएँ हमारी भाषा, संस्कृति और मूल्य हमारे साथ बरकरार रहने चाहिए और ये एक अनुस्मारक के रूप में कार्य करते है। विश्व हिंदी दिवस एक ऐसा दिन है जो हमें देशभक्ति भावना के लिए प्रेरित करता है। जहाँ अंग्रेजी एक विश्वव्यापी भाषा है और इसके महत्व को अनदेखा नहीं किया जा सकता है वहीँ हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हम पहले भारतीय हैं और हमें हमारी राष्ट्रीय भाषा का सम्मान करना चाहिए। आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी को अपनाने से साबित होता है कि सत्ता में रहने वाले लोग अपनी जड़ों को पहचानते हैं और चाहते हैं कि लोगों द्वारा हिंदी को भी महत्व दिया जाए।

आज के समय में अंग्रेजी की ओर एक झुकाव है जिसे समझा जा सकता है क्योंकि अंग्रेजी का इस्तेमाल दुनिया भर में किया जाता है और यह भी भारत की आधिकारिक भाषाओं में से एक है। यह दिन हमें यह याद दिलाने का एक छोटा सा प्रयास है कि हिंदी हमारी आधिकारिक भाषा है और बहुत अधिक महत्व रखता है।

  • Related Posts

    स्व-सहायता समूह की दीदियों ने कलेक्टोरेट और जिला पंचायत में लगाया प्राकृतिक रंगों से बने गुलाल का स्टॉल

    महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल, वोकल फॉर लोकल को मिल रहा बढ़ावा नैना और प्रगति स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने लगाया हर्बल गुलाल का स्टॉलजांजगीर-चांपा, 3 मार्च 2026/ कलेक्टर जन्मेजय…

    Read more

    कलेक्टर ने कोटपा एक्ट के सख्त पालन के निर्देश, शैक्षणिक परिसरों को एक माह में तंबाकू-मुक्त बनाने का लक्ष्य

    *कलेक्टर ने कोटपा एक्ट के सख्त पालन के निर्देश, शैक्षणिक परिसरों को एक माह में तंबाकू-मुक्त बनाने का लक्ष्य  जिले में मादक पदार्थों की उपलब्धता, सेवन एवं अवैध बिक्री पर…

    Read more

    Comments are closed.

    You Missed

    स्व-सहायता समूह की दीदियों ने कलेक्टोरेट और जिला पंचायत में लगाया प्राकृतिक रंगों से बने गुलाल का स्टॉल

    स्व-सहायता समूह की दीदियों ने कलेक्टोरेट और जिला पंचायत में लगाया प्राकृतिक रंगों से बने गुलाल का स्टॉल

    कलेक्टर ने कोटपा एक्ट के सख्त पालन के निर्देश, शैक्षणिक परिसरों को एक माह में तंबाकू-मुक्त बनाने का लक्ष्य

    कलेक्टर ने कोटपा एक्ट के सख्त पालन के निर्देश, शैक्षणिक परिसरों को एक माह में तंबाकू-मुक्त बनाने का लक्ष्य

    Amarjeet Bhagat : छत्तीसगढ़ राज्यसभा टिकट के लिए कांग्रेस में घमासान, दिल्ली दरबार पहुंचे अमरजीत भगत

    Amarjeet Bhagat : छत्तीसगढ़ राज्यसभा टिकट के लिए कांग्रेस में घमासान, दिल्ली दरबार पहुंचे अमरजीत भगत

    होली पर्व के अवसर पर कोरबा जिले में 4 मार्च को रहेगा शुष्क दिवस, मदिरा दुकानें रहेंगी पूर्णतः बंद

    होली पर्व के अवसर पर कोरबा जिले में 4 मार्च को रहेगा शुष्क दिवस, मदिरा दुकानें रहेंगी पूर्णतः बंद

    जंगल में बकरी चराने गए चरवाहे पर भालू ने किया हमला, हुई मौत

    जंगल में बकरी चराने गए चरवाहे पर भालू ने किया हमला, हुई मौत

    श्री श्री सोलापुरी माता पूजा समिति बंगलायार्ड की बैठक संपन्न माता पूजा 2026 को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प

    श्री श्री सोलापुरी माता पूजा समिति बंगलायार्ड की बैठक संपन्न माता पूजा 2026 को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प
    error: Content is protected !!