बालको सीईओ टॉउनहॉल में सुरक्षा संस्कृति पर हुई चर्चा

बालकोनगर/ वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सीईओ टाउनहॉल आयोजित किया। वरिष्ठ प्रबंधन की उपस्थिति पर कंपनी के रणनीति कार्यों पर चर्चा की गई जिसमें कंपनी के उत्कृष्ट उत्पादन के साथ कार्यस्थल को सुरक्षित बनाना शामिल था। सीईओ ने मजबूत सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए 300 से अधिक शॉपफ्लोर, सेफ्टी और संगठन के विभिन्न अन्य विभागों के कर्मचारियों और व्यावसायिक भागीदारों को एकजुटता के साथ सुरक्षा प्रथम दृष्टिकोण के पालन के लिए प्रोत्साहित किया। सीईओ ने कहा कि हमने समुदाय में सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा दिया है। सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता कर्मचारियों के साथ-साथ समुदाय के प्रति भी है।

बालको एक औद्योगिक संगठन के रूप में समुदाय की सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता दिया है। मानसून ध्यान में रखते हुए कंपनी ने संयंत्र परिसर और टाउनशिप के जल निकासी को सुदृढ़ किया है। बालको अपने दैनिक पत्रिका में प्रतिदिन वन पॉंइट सेफ्टी लेसन मुहिम चलाया है। इसका उद्देश्य है कर्मचारियों को प्रतिदिन सुरक्षा संबंधित एक नई जानकारी देना है। सभी कर्मचारियों के अंदर किसी भी असुरक्षित कार्य को ना कहने के लिए स्वयं को सशक्त महसूस करने के भाव में वृद्धि हुई है। कंपनी संयंत्र के साथ बालको टाउनशिप में यातायात नियमों को लागू करके सभी के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने में भी योगदान दे रहा है।

कंपनी ने अपने मासिक सुरक्षा कार्यक्रम ‘सुरक्षा संकल्प’ के जुलाई माह की थीम, “मानसून में सुरक्षित ड्राइविंग- फिसलन/ट्रिप से बचाव” ने मौसम की वजह से आने वाली चुनौतियों के लिए सभी को संबोधित किया। कंपनी का उद्देश्य सभी कर्मचारियों के साथ समुदाय के बीच सुरक्षा जागरूकता को अधिकतम करना है। कंपनी नियम तथा सभी दिशा निर्देशों का पालन कर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखने के महत्वपूर्ण महत्व पर जोर देना है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि कर्मचारियों और परिसंपत्तियों की सुरक्षा बालको के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रचालन के विभिन्न स्तरों पर स्मार्ट तकनीकों के अपनाए जाने से उत्पादकता में बढ़ोत्तरी तो होने के साथ सुरक्षा संस्कृति को भी बढ़ावा मिला है। कंपनी अपने ज़ीरो हार्म दृष्टिकोण के अनुरूप सुरक्षा प्रथम नीति को प्राथमिकता देता है जो कंपनी की कार्य संस्कृति में शामिल है। सीईओ ने कहा कि सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सिर्फ नियमों का पालन करना नहीं है बल्कि यह हमारे कार्य करने के तरीके में समाहित है।

विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बालको युवाओं के अंदर सुरक्षा संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वाहनों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने 6 किमी तक थर्मोप्लास्टिक मार्किंग सहित विभिन्न मार्गों पर 12 स्पीड ब्रेकर, कई जेब्रा क्रॉसिंग और 40 रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड तैनात किया है। कंपनी ने आग से बचाव के उपाय पर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किये। कंपनी निरंतर जागरूकता और शैक्षिक पहल के माध्यम से समुदाय के भीतर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने के लिए कटिबद्ध है।

कंपनी के सुरक्षा कार्यक्रमों में ‘चेतना’ सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है जो पांच मूलभूत सुरक्षा युक्तियों पर केंद्रित है जो सभी के लिए सुरक्षित आवाजाही, कार्यों और अनुभवों को सुनिश्चित करते हुए संयंत्र परिसर के भीतर एक सुरक्षित वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  • Related Posts

    14 मार्च को होगा नेशनल लोक अदालत

    राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में अधीनस्थ न्यायालय से उच्च न्यायालय तक के सभी न्यायालयों में वर्ष 2026 का पहला नेशनल लोक अदालत का…

    Read more

    बलरामपुर में फिर मिली अफीम की खेती, नौ एकड़ क्षेत्र में सर्च अभियान

    बलरामपुर जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला फिर सामने आया है। थाना कुसमी क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी में करीब साढ़े तीन एकड़ में लगे अफीम के पौधों को…

    Read more

    Comments are closed.

    You Missed

    14 मार्च को होगा नेशनल लोक अदालत

    14 मार्च को होगा नेशनल लोक अदालत

    बलरामपुर में फिर मिली अफीम की खेती, नौ एकड़ क्षेत्र में सर्च अभियान

    बलरामपुर में फिर मिली अफीम की खेती, नौ एकड़ क्षेत्र में सर्च अभियान

    सफलता की कहानीमहतारी वंदन योजना से वनांचल की महिलाओं का जीवन हुआ सशक्त

    सफलता की कहानीमहतारी वंदन योजना से वनांचल की महिलाओं का जीवन हुआ सशक्त

    पसान: हैवान बना पति, डंडे से पीटकर पत्नी को उतारा मौत के घाट

    पसान: हैवान बना पति, डंडे से पीटकर पत्नी को उतारा मौत के घाट

    Chaitra Navratri 2026: हिंदू नववर्ष के पहले शुरू होंगे चैत्र नवरात्र, 89 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग

    Chaitra Navratri 2026: हिंदू नववर्ष के पहले शुरू होंगे चैत्र नवरात्र, 89 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग

    कलेक्टर की तालियों ने बढ़ाया हौसला, आंगनबाड़ी में बच्चों ने सुनाई ए-बी-सी-डी*

    कलेक्टर की तालियों ने बढ़ाया हौसला, आंगनबाड़ी में बच्चों ने सुनाई ए-बी-सी-डी*
    error: Content is protected !!